‘द रिवोल्यूशनरीज’ का ट्रेलर जारी, आजादी के लिए अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ जंग की दिखी झलक

मुंबई: निखिल आडवाणी के निर्देशन में बनी ऐतिहासिक वेब सीरीज ‘द रिवोल्यूशनरीज’ का ट्रेलर जारी हो गया है। देश के स्वतंत्रता संग्राम की पृष्ठभूमि पर बनी यह सीरीज युवाओं के जोश, क्रांतिकारी विचारों, दोस्ती और बलिदान की कहानी पेश करती है। सीरीज संजीव सान्याल की चर्चित किताब ‘रिवोल्यूशनरीज: द अदर स्टोरी ऑफ हाउ इंडिया वॉन इट्स फ्रीडम’ पर आधारित है।

ट्रेलर में दिखा ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ विद्रोह
ट्रेलर की शुरुआत देशभक्ति से भरे संवाद से होती है, जिसमें आजादी हासिल करने के लिए अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की बात कही जाती है। इसके बाद भारतीय क्रांतिकारियों और ब्रिटिश शासन के बीच संघर्ष की झलक दिखाई जाती है। भव्य दृश्य और एक्शन से भरपूर दृश्य उस दौर के विद्रोह को बड़े स्तर पर सामने लाते हैं।

चार क्रांतिकारियों की कहानी पर केंद्रित है सीरीज
सीरीज में भुवन बाम रास बिहारी बोस, रोहित सराफ सचिंद्र नाथ सान्याल, प्रतिभा रांटा प्रतिभा लाहिड़ी और गुरफतेह पीरजादा बाघा जतिन की भूमिका में नजर आएंगे। कहानी में ये चारों ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह का रास्ता अपनाते हैं। वहीं जनरल डायर की भूमिका में जेसन शाह दिखाई देंगे, जो इन क्रांतिकारियों का पीछा करता नजर आता है। पाओली डैम और टोटा रॉय चौधरी भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।

युवाओं के विश्वास, दोस्ती और बलिदान की कहानी
‘द रिवोल्यूशनरीज’ का केंद्र चार युवा भारतीय हैं, जो स्वतंत्र देश के सपने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगाने को तैयार हैं। कहानी में उनके आपसी मतभेद, दोस्ती, दृढ़ विश्वास और बलिदान को भी जगह दी गई है। खास बात यह है कि जिन आजादी के सपनों के लिए वे लड़ते हैं, संभव है कि उन्हें उसका परिणाम अपनी आंखों से देखने का मौका भी न मिले।

11 सितंबर को होगा सीरीज का प्रीमियर
‘द रिवोल्यूशनरीज’ का प्रीमियर 11 सितंबर को प्राइम वीडियो पर होगा। सीरीज हिंदी में उपलब्ध होगी, जबकि तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़ और बंगाली में इसके डब संस्करण भी जारी किए जाएंगे। अंग्रेजी सहित कई अन्य अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में उपशीर्षक उपलब्ध होंगे।

भुवन बाम बोले- यह स्वतंत्रता सेनानियों की पारंपरिक कहानी नहीं
रास बिहारी बोस की भूमिका निभा रहे भुवन बाम ने कहा कि इस सीरीज की सबसे खास बात यह है कि यह स्वतंत्रता सेनानियों पर बनी पारंपरिक कहानी नहीं है। उनके मुताबिक, यह चार युवा नायकों की कहानी है, जो अपने विश्वासों के लिए संघर्ष करते हैं और साथ ही आपसी मतभेदों तथा भाईचारे से भी गुजरते हैं। उन्होंने रास बिहारी बोस को भेष बदलकर ब्रिटिश शिविरों में गुप्त रूप से प्रवेश करने में माहिर बताया और कहा कि ऐतिहासिक दस्तावेज कम होने के कारण उनके किरदार को समझने और गढ़ने में कल्पना का सहारा लेना पड़ा।

रोहित सराफ ने किरदार के लिए की कड़ी तैयारी
सचिंद्र नाथ सान्याल की भूमिका निभाने वाले रोहित सराफ ने बताया कि यह किरदार उनके लिए शारीरिक और भावनात्मक, दोनों स्तरों पर एक नई दुनिया में प्रवेश करने जैसा था। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के वास्तविक नायक की भूमिका निभाने को सम्मान की बात बताया। उनके अनुसार, किरदार की मासूमियत और अपने विचारों के प्रति अटूट विश्वास ने उन्हें सबसे अधिक प्रभावित किया। इस भूमिका के लिए उन्हें कड़ी तैयारी और प्रशिक्षण से गुजरना पड़ा।

प्रतिभा रांटा के किरदार में दिखेगा अलग संघर्ष
प्रतिभा लाहिड़ी का किरदार निभा रहीं प्रतिभा रांटा के मुताबिक, उनका किरदार एक युवा और प्रगतिशील महिला का है, जो पुरुष प्रधान समाज में अपनी आवाज बुलंद करने के लिए संघर्ष करती है। वह क्रांतिकारी आंदोलन का हिस्सा बनने के साथ-साथ अपनी बात रखने का साहस भी जुटाती है। अभिनेत्री ने कहा कि किरदार को असाधारण नायिका के बजाय सहज और मानवीय बनाए रखने पर ध्यान दिया गया है।

गुरफतेह पीरजादा ने बताया अब तक के काम से अलग अनुभव
बाघा जतिन की भूमिका निभाने वाले गुरफतेह पीरजादा ने कहा कि इस सीरीज के जरिए उन्हें भारतीय इतिहास के उस अध्याय को जानने का अवसर मिला, जिसके बारे में उन्हें पहले कम जानकारी थी। उन्होंने बाघा जतिन के किरदार की शांत ताकत, संयमित आक्रामकता और गंभीरता को खास बताया। उनके मुताबिक, निर्देशक निखिल आडवाणी की शुरुआत से ही कोशिश थी कि सीरीज युवा, तेज-तर्रार और एक्शन से भरपूर हो और सामान्य ऐतिहासिक नाटक से अलग दिखाई दे।

 

Related posts

Leave a Comment