मुंबई: यश की बड़े पर्दे पर वापसी और गीतू मोहनदास का अलग अंदाज ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ को लेकर दर्शकों में काफी उत्सुकता थी। 1940 के दशक की पृष्ठभूमि पर बनी यह एक्शन थ्रिलर गैंगस्टर ड्रामा, पारिवारिक भावनाओं, मनोवैज्ञानिक संघर्ष और भव्य दृश्यों को एक साथ पेश करने की कोशिश करती है। 194 मिनट लंबी फिल्म में कई ऐसे पल हैं जो बड़े पर्दे पर प्रभाव छोड़ते हैं, लेकिन कमजोर पटकथा और जरूरत से ज्यादा कहानी के कारण फिल्म अपनी पूरी क्षमता तक नहीं पहुंच पाती। कहानी में…
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